Tuesday, March 18, 2025

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

                                                                 कान्हा राष्ट्रीय उद्यान 

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के बालाघाट और मंडला जिलों में फैला कान्हा राष्ट्रीय उद्यान भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यह अपनी बाघों की आबादी और समृद्ध जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

1. इतिहास और स्थापना                                                                                              


➤कान्हा क्षेत्र को 1933 में अभयारण्य घोषित किया गया था।
➤कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1955 में हुई थी और बाद में इसे 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत शामिल किया गया।
क्षेत्रफल: लगभग 940 वर्ग किलोमीटर (360 वर्ग मील) का मुख्य क्षेत्र और 1,067 वर्ग किलोमीटर (412 वर्ग मील) का बफर जोन है।
➤कान्हा भारत के पहले बाघ अभयारण्यों में से एक था, जिसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत शामिल किया गया था।

2. वन्यजीव और जैव विविधता:

वनस्पति: यहाँ मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जिनमें साल  के पेड़ प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ बाँस, सागौन, और अन्य प्रकार के पेड़ भी पाए जाते हैं।
➤यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘बारहसिंगा’ है, जिसे यहाँ “कान्हा का गहना” भी कहा जाता है। इसके अलावा  बाघ , तेंदुआ ,जंगली कुत्ता, भारतीय बाइसन (गौर) , बारहसिंगा , चीतल , सांभर , लंगूर, और कई अन्य प्रकार के जानवर पाए जाते हैं।
पक्षी: कान्हा में पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें मोर, उल्लू, बाज, और विभिन्न प्रकार के जलपक्षी शामिल हैं।

3. आकर्षण:

सनसेट पॉइंट (बामनी डाडा): यह स्थान उद्यान के सबसे सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।
वन्यजीव म्यूजियम: यहाँ कान्हा के समृद्ध इतिहास और जैव विविधता से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
नेचर ट्रेल्स: पैदल यात्रा के लिए भी कुछ मार्ग उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाते हैं।
बाघ: कान्हा बाघों को देखने के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। बाघों की अच्छी आबादी के कारण यहाँ अक्सर बाघ दिखाई देते हैं।
बारहसिंगा: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान बारहसिंगा की एकमात्र आबादी का घर है। यह प्रजाति यहाँ की पहचान है और इसे बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
कान्हा संग्रहालय: यहाँ एक संग्रहालय है जो पार्क के इतिहास, वन्यजीवों और संरक्षण प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
जंगल सफारी: पर्यटक जीप सफारी और हाथी सफारी के माध्यम से जंगल का अनुभव कर सकते हैं।

नोट :-
1.
 कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
2.यह भारत का पहला बाघ अभयारण्य है जिसने आधिकारिक तौर पर सरकारी शुभंकर, "भूरसिंह द बारासिंघा" को पेश किया है। (डिजाइन - रोहन चक्रवर्ती ने दिया है)
3. बारहसिंघा (ब्रेडरी प्रजाति) को दलदल का मृग भी कहा जाता है 
4.बारहसिंघा को 1981 में राजकीय पशु घोषित किया गया 








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