Monday, March 24, 2025

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

                                                                          मुख्य परीक्षा
                                                                         प्रथम प्रश्न पत्र  
                                                                    खण्ड - (अ) इतिहास 

इकाई 1

● भारतीय इतिहास - भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास, हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी तक।

● 11वीं से 18वीं शताब्दी तक भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास। 

● सल्तनत एवं मुगल शासक और उनका प्रशासन एवं मध्यकालीन संस्कृति का अभ्युद्य। 

इकाई-2 

● प्रागेतिहासिक एवं आद्य ऐतिहासिक मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश के प्रमुख राजवंश, गर्दभिल्ल वंश, नागवंश, औलिंकर, परिव्राजक राजवंश, उच्च गुर्जर-प्रतिहार, कल्चुरी, चंदेल, परमार तोमर, गोंडवंश, कच्छपघात वंश। 

इकाई-3 

● ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव।

● ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया - कृषक एवं जनजातियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन / संग्राम। भारतीय पुनर्जागरण- राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता। 

● मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन।

इकाई -4 

● गणतंत्र के रूप में भारत का उदय राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश राज्य के रूप में गठन, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् की प्रमुख घटनाएँ। 

● भारतीय सांस्कृतिक विरासत (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में)- प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सव ) एवं वास्तुकला के प्रमुख पक्ष। 

● म.प्र. में विश्व धरोहर स्थल एवं पर्यटन। 

इकाई-5 

● मध्यप्रदेश की प्रमुख रियासतें - गोंडवाना, बुंदेली, बघेली, होल्कर, सिंधिया एव भोपाल रियासत (स्वतंत्रता प्राप्ति तक )। 

● मध्यप्रदेश के जनजातीय नायकों का संघर्ष एवं इतिहास में योगदान- राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, भीमाजी नायक, खाज्यानायक टंट्या भील, गंजनसिंह कोरकू, बादल भोई, पेमा फाल्या। 

                                                                         प्रथम प्रश्न पत्र
                                                                      खण्ड - (ब) भूगोल 

इकाई -1 भारत का भौतिक स्वरूप एवं जलवायु 

● प्राचीन भारत में भौगोलिक ज्ञान। 

● भारत के प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग - हिमालय पर्वत, उत्तर भारत का विशाल मैदान और प्रायद्वीपीय पठार। 

● प्रमुख पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें। 

● भारत में मिट्टियाँ - प्रकार एवं वितरण। 

● जलवायु— ऋतुएँ, तापमान, वर्षा, मानसून की उत्पत्ति, ऊपरी वायु परिसंचरण - जेट स्ट्रीम। 

● जलवायु घटनाएँ - अल-नीनो, ला नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, हिंद महासागर, द्विध्रुव, जलवायु परिवर्तन के परिणाम। 

इकाई - 2 भारत - कृषि एवं जल संसाधन 

● कृषि - प्रमुख फसलें और श्रीअन्न (मोटे अनाज), उनका उत्पादन और वितरण।

● सिंचाई - सिंचाई तकनीकों के प्रकार, सिंचाई के स्रोत और बहुउद्देशीय परियोजनाएँ।

● खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, द्वितीय हरित क्रांति और सतत् कृषि के लिए रणनीतियाँ।

● जल संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण के तरीके, नदियों को आपस में जोड़ना, राष्ट्रीय जल नीति।

इकाई - 3 भारत - प्राकृतिक संसाधन एवं उद्योग 

● वन संसाधन, इनके प्रकार और वितरण। 

● प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन। 

● ऊर्जा संकट और ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत। 

● प्रमुख उद्योग- लोहा और इस्पात, सीमेंट, कागज, शक्कर, सूती वस्त्र उद्योग।

● प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्योग। 

इकाई - 4 आपदाएँ और तकनीकें 

● भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ- भूकंप, सुनामी, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कोहरा, बादल फटना, तड़ित झंझा, भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात। 

● पर्यावरण प्रदूषण- वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मिट्टी या भूमि प्रदूषण एवं उनका रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, प्रदूषण को कम करने के उपाय। 

● भारत में जनसंख्या वृद्धि, संसाधनों पर जनसंख्या का दबाव, ग्रामीण - शहरी प्रवास।

●  भूगोल में उन्नत तकनीकें - सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस.), भौगोलिक स्थिति निर्धारण प्रणाली ( जी.पी.एस.) तथा इनके अनुप्रयोग। उपग्रहो के प्रकार। 

इकाई - 5 मध्यप्रदेश का भूगोल 

● प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग - मालवा का पठार, मध्य भारत का पठार, बुन्देलखण्ड पठार, विंध्याचल श्रेणी, बघेलखंड पठार, नर्मदा - सोन घाटी, सतपुड़ा श्रेणी। 

● प्रमुख नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ ! 

● जलवायु - ऋतुएँ, तापमान, वर्षा। 

● मध्यप्रदेश की मिट्टियाँ, प्रकार एवं वितरण, मृदा अपरदन एवं मृदा संरक्षण। 

● प्राकृतिक वनस्पति- वनों के प्रकार और वितरण, प्रमुख वनोपज। 

● प्रमुख फसलें, सिंचाई एवं सिंचाई परियोजनाएँ। 

● प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन, ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत। 

● प्रमुख उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग। 

● जनसंख्या वृद्धि, वितरण और घनत्व, नगरीकरण। 

                                                                        द्वितीय प्रश्न पत्र
                                   
 खण्ड - ( अ ) संविधान, शासन व्यवस्था, राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना 

इकाई-1 

● भारतीय संविधान - निर्माण, विशेषताएँ, मूल ढाँचा एवं प्रमुख संशोधन। 

● वैचारिक तत्व - उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्व। 

● संघवाद – केन्द्र-राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका। 

इकाई-2 

● भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं नीति आयोग। 

● भारतीय राजनीति में जाति, धर्म, वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका, भारतीय राजनीति में राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, सिविल सोसायटी एवं जन आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे। 

इकाई-3 

● लोकतंत्र की विशेषताएँ- राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी। 

● समुदाय आधारित संगठन (CBO), गैर सरकारी संगठन (NGO) एवं स्व-सहायता समूह (SHG)।

● मीडिया की भूमिका एवं समस्याएँ (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिन्ट एवं सोशल मीडिया)।

● भारतीय राजनीतिक विचारक - कौटिल्य, देवी अहिल्याबाई होलकर, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण। 

इकाई - 4  

● राज्यों का पुनर्गठन 1956 तथा मध्यप्रदेश का निर्माण, मध्यप्रदेश का विभाजन (2000)।

● राज्यपाल - नियुक्ति, शक्ति, स्थिति, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद- संगठन, कार्य एवं भूमिका।

● मध्यप्रदेश की विधानसभा - संगठन एवं शक्तियाँ, अध्यक्ष की भूमिका, विपक्ष की भूमिका। 

● मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, संगठन, क्षेत्राधिकार एवं भूमिका। 

● जवाबदेही एवं अधिकार - प्रतिस्पर्धा आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, मानव अधिकार आयोग, सूचना आयोग, उपभोक्ता फोरम, बाल आयोग, महिला आयोग। 

इकाई- 5 

● मध्यप्रदेश का प्रशासन - सचिवालय, मुख्य सचिव, सचिव तथा आयुक्त, मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन, जिलाधीश की भूमिका। 

● मध्यप्रदेश में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन - पंचायतीराज संगठन एवं शक्तियाँ, शहरी स्थानीय स्वशासन- संगठन एवं शक्तियाँ, स्थानीय स्वशासन में वित्त नौकरशाही एवं स्वायत्तता का महत्व। 

● मध्यप्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य - जनजातीय, पिछड़े एवं वंचित वर्ग का उत्थान एवं नक्सली समस्या से जुड़े मुद्दे। 

● मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं का योगदान। 

● मध्यप्रदेश की राजनीति में समसामयिक मुद्दे ! 

                                                                     द्वितीय प्रश्न पत्र
                                                              खण्ड - (ब) समाजशास्त्र 

इकाई-1 समाजशास्त्र की आधारभूत अवधारणा 

● समाज की भारतीय संकल्पना - कुटुम्ब, परिवार, नातेदारी, वंश, गोत्र परंपरा। 

● समुदाय, संस्था, संघ, संस्कृति, मानदंड और मूल्य। 

● सामाजिक समरसता के तत्व, सभ्यता एवं संस्कृति की अवधारणा। भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ। 

● सामाजिक संस्थाएँ - परिवार, शिक्षा, धर्म, वर्ण, ऋण, यज्ञ, संस्कार। 

● अनुष्ठान - विभिन्न संदर्भ, जाति व्यवस्था। आश्रम, पुरुषार्थ, समाज और विवाह पर धर्म और संप्रदायों का प्रभाव। 

इकाई - 2 भारतीय समाज में विविधता और चुनौतियाँ 

● भारतीय समाज की संकल्पना - भारत के लोग, विविधता में एकता। 

● सांस्कृतिक विविधता- क्षेत्रीय, भाषायी, धार्मिक और जनजातीय। 

● अपराध का बदलता परिदृश्य - नशीली दवाओं की लत, आत्महत्या, साइबर अपराध, महिलाओं के प्रति अपराध एवं घरेलू हिंसा। 

● वर्तमान बहस - भारत में परंपरा और आधुनिकता। 

● राष्ट्र निर्माण की समस्याएँ - धर्मनिरपेक्षता, बहुलवाद और राष्ट्र निर्माण। 

इकाई - 3 ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र 

● ग्रामीण समाज के अध्ययन के उपागम ग्रामीण-शहरी अंतर, ग्रामीणवाद और नगरवाद। 

● किसान अध्ययन, 73वें संशोधन से पहले और बाद में पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण नेतृत्व, गुटबाजी, लोक सशक्तीकरण। 

● ग्रामीण विकास के सामाजिक मुद्दे और रणनीतियाँ- बंधुआ और प्रवासी मजदूर, ग्रामीण समाज में बदलाव के रुझान। 

● नगरीय समुदाय की विशेषताएँ, नगरीय समुदाय में परिवर्तन, नगरीकरण के कारण एवं प्रभाव। 

● नगर नियोजन की अवधारणा, नगर नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक, भारत में नगरीय प्रबंध की समस्याएँ। 

इकाई -4 औद्योगीकरण, वैश्वीकरण, सामाजिक विकास और जनसंख्या 

● भारत में औद्योगीकरण और सामाजिक परिवर्तन- परिवार, शिक्षा, स्तरीकरण पर प्रभाव। औद्योगिक समाज में वर्ग और वर्ग संघर्ष। 

● वैश्वीकरण की चुनौतियाँ, समाजशास्त्र का भारतीयकरण, शिक्षा का निजीकरण।

● सामाजिक संरचना और विकास, सुविधाप्रदाता, अवरोधक, विकास और सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ। 

● संस्कृति और विकास - सहायक / बाधक के रूप में संस्कृति, उत्तर-आधुनिकीकरण, पश्चिमीकरण। 

● भारत में जनसंख्या वृद्धि और वितरण - 1901 से वृद्धि, कारण और प्रभाव। 

● अवधारणाएँ– प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर, रुग्णता, प्रवास, आयु और लिंग संरचना। 

इकाई - 5 मानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण की योजनाएँ 

● राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 - विजन, सिद्धांत, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा, वयस्क शिक्षा और जीवन - पर्यन्त सीखना।

● सामाजिक वर्गों और उनके कल्याण कार्यक्रमों से संबंधित मुद्दे - वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएँ, विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग और विकासात्मक परियोजनाओं से उत्पन्न विस्थापित समूह, बालिकाओं की शिक्षा से जुड़े मुद्दे। 

● सामुदायिक विकास कार्यक्रम, विस्तार शिक्षा, पंचायती राज, सामुदायिक विकास में गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) की भूमिका। 

● मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति एवं सामाजिक संरचना, रीति-रिवाज। जनजातियों में विश्वास, विवाह रिश्तेदारी, धार्मिक विश्वास, परंपराएँ, त्यौहार और उत्सव। 

● मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति। 

                                                                  तृतीय प्रश्न पत्र
                                                            खण्ड - (अ) अर्थशास्त्र 

इकाई -1 भारतीय अर्थव्यवस्था के मौलिक पहलू 

● भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ। 

● विकसित भारत@2047। 

● कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र का क्षेत्रीय योगदान। 

● राष्ट्रीय आय की विभिन्न अवधारणाएँ। 

● प्रमुख फसलें और फसल पैटर्न। 

● चुनौतियाँ - घटती उत्पादकता, किसान संकट और मौसम पर निर्भरता। 

● सरकारी पहल - पीएम- किसान, एनएमएसए और विभिन्न योजनाएँ। 

● कृषि मूल्य नीति, विपणन और वित्त। 

● मूल्यवर्धन के लिए कृषि स्टार्ट-अप और कृषि - प्रसंस्करण। 

● भारत में औद्योगिक नीतियाँ और औद्योगिक विकास। 

● विनिर्माण और अधोसंरचना - मेक इन इंडिया और अधोसंरचना परियोजनाएँ। 

● आतिथ्य और पर्यटन - विदेशी मुद्रा आय में योगदान। 

● भारत में वस्तु व सेवाओं का मानकीकरण। 

इकाई-2 कराधान और नीति परिदृश्य 

● राजकोषीय नीति- लोक व्यय, आगम, कराधान और घाटा प्रबंधन। 

● मौद्रिक नीति और भारत में वित्तीय समावेशन। 

● अनौपचारिक अर्थव्यवस्था पर नकद लेनदेन का प्रभाव।

● खाद्य सुरक्षा एवं लोक वितरण प्रणाली। 

● गरीबी, बेरोजगारी और क्षेत्रीय असंतुलन। 

● भारत का विदेशी व्यापार - मूल्य, संरचना और दिशा। 

● निर्यात प्रोत्साहन, आयात प्रतिस्थापन और विदेशी पूँजी। 

● अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की भूमिकाएँ - आई.एम.एफ., विश्व बैंक, ए. डी. बी. और डब्ल्यू.टी.ओ.। 

इकाई - 3 मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अवलोकन 

● मध्यप्रदेश में राज्य घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश (ANMP)। एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम (ODOP)। 

● प्रमुख फसलें और फसल पैटर्न तथा जोत। खाद्य सुरक्षा, वितरण प्रणाली और भंडारण। 

● उद्यानिकी, पशुधन, डेयरी व मत्स्य पालन। औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति, अधोसंरचना का विकास। 

● एम. एस.एम.ई. और पारंपरिक उद्योगों का विकास और समर्थन। 

● मध्यप्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी विकास, जनजातीय अर्थव्यवस्था - कृषि पद्धति, प्रमुख 

● वनोपज, हस्तशिल्प एवं हाट बाजार। 

● पर्यटन, व्यापार और निवेश प्रोत्साहन। 

इकाई -4 मध्य प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास 

● स्वास्थ्य अधोसंरचना, शिक्षा और कौशल विकास। 

● प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए नीतियाँ - वन, जल और खनिज। 

● वित्तीय, सामाजिक समावेशन एवं कल्याणकारी योजनाएँ। 

● मध्यप्रदेश की जनसांख्यिकी का प्रभाव। 

● मानव संसाधन की उत्पादकता और रोजगार। 

● मध्यप्रदेश में बौद्धिक सम्पदा अधिकारों की प्रगति। 

● राज्य का राजस्व, व्यय, ऋण एवं राजकोषीय अनुशासन। 

इकाई -- 5 सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण और प्रायिकता 

● समंक संकलन की विधियाँ। 

● माध्य, माध्यिका और बहुलक - गणना और व्याख्याएँ। 

● डेटा विश्लेषण के प्रकार - वर्णनात्मक बनाम अनुमानात्मक। 

● प्रतिचयन की विधियाँ। 

● डेटा प्रस्तुति तकनीक - टेबल, चार्ट, ग्राफ ! 

● प्रायिकता की बुनियादी अवधारणाएँ। 

                                                                   तृतीय प्रश्न पत्र
                                          खण्ड - (ब) विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य
 

इकाई - 1 सामान्य विज्ञान 

● विज्ञान के साधारण अनुप्रयोग। 

● सूक्ष्मजीव संरचना एवं प्रकार, जैविक कृषि। 

● कोशिका - संरचना, प्रकार, विभाजन एवं कार्य, जन्तुओं एवं पौधों का वर्गीकरण। 

● पौधों, पशुओं एवं मनुष्यों में पोषण, संतुलित आहार, विटामिन, हीनताजन्य रोग, हार्मोन्स, मानव शरीर के अंग, संरचना एवं कार्य - प्रणाली। 

● जैव प्रौद्योगिकी - परिभाषा, स्वास्थ्य और चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, उद्योग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में उपयोग। 

● ईथनोबायोलॉजी के अनुप्रयोग। 

● प्राचीन समय में आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रहमगुप्त एवं भास्कर प्रथम एवं द्वितीय द्वारा खगोल शास्त्र में योगदान। प्राचीन एवं आधुनिक भारतीय वेधशालाओं से संबंधित प्रारंभिक जानकारी। 

● बौद्धिक संपदा के अधिकार एवं पेटेंट (ट्रिप्स, ट्रिम्स)। 

इकाई-2 कंप्यूटर विज्ञान 

● कंप्यूटर के प्रकार, विशेषताएँ एवं पीढ़ी (जनरेशन)। 

● मेमोरी, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेस, स्टोरेज डिवाइस, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के उपयोग। 

● कंप्यूटर की भाषाओं का सामान्य ज्ञान, (सी, सी ++, जावा), ट्रांसलेटर, इन्टरपिटर तथा एसेंबलर। 

● इन्टरनेट एवं ई-मेल। 

● सोशल मीडिया। 

● ई-गवर्नेस। 

● कृत्रिम बुद्धिमता का आधारभूत ज्ञान (ए.आई.), क्लाउड कम्प्यूटिंग, विभिन्न उपयोगी पोर्टल और वेबसाइट तथा वेबपेजेस। 

गणितीय विज्ञान 

● संख्याएँ एवं इसके प्रकार इकाई मापन की विधियाँ समीकरण एवं गुणनखंड, लाभ-हानि, प्रतिशत, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, अनुपात -समानुपात। 

● ज्यामितीय आकृतियों का क्षेत्रफल एवं पृष्ठीय क्षेत्रफल। 

इकाई-3 

● आयुष (AYUSH ) - आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा, सोवा रिग्पा, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के मूल सिद्धांत।

● वन नेशन वन हेल्थ सिस्टम / पॉलिसी-2030। 

● आयुर्वेद - त्रिदोष, पंचमहाभूत (आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी), दिनचर्या, ऋतुचर्या, पंचकर्म की प्रारंभिक जानकारी। जैविक घड़ी। 

● केन्द्र, राज्य, जिला एवं ग्राम स्तर पर आयुष सहित स्वास्थ्य प्रशासन। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) एवं इसमें आयुर्वेद का क्षेत्र। 

● योग - पंचकोष सिद्धांत, अष्टांग योग, षट्कर्म, मुद्रा की प्रारंभिक जानकारी। प्राकृतिक चिकित्सा - मिट्टी चिकित्सा, धूप सेवन (Sun Bath), जल चिकित्सा के चिकित्सकीय प्रभाव एवं प्रकार। 

● षोडश संस्कार - नामकरण, निष्क्रमण, कर्णवेध आदि का सामान्य ज्ञान एवं इनका वैज्ञानिक महत्व। 

इकाई -4 

● राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम - स्वास्थ्य स्वच्छता एवं बीमारियाँ, कुष्ठ (एन.एल.ई.पी.), एड्स ( एन. ए. सी.पी.), अंधत्व (एन.पी.सी.बी.), पोलियो, राष्ट्रीय क्षय निवारण कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य ( आर.सी.एच.) कार्यक्रम, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेव्हलपमेंट स्कीम (आई.सी.डी.एस.), सार्वभौमिक एवं राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम। राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एन.एफ.एच.एस.)। 

● स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.आर. एच. एम. और एन.यू.एच.एम.), मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर। 

● विभिन्न बायोमार्कर यथा - हेमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, सीरोलॉजी के सामान्य स्तर की जानकारी। 

● प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल - प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का सिद्धांत और तत्व, स्वास्थ्य देखभाल का स्तर, उपकेन्द्र एवं ग्राम स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की संरचना, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र (PHC ), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) और ग्रामीण चिकित्सालयों के स्तर। 

इकाई -5 

● भारतीय परंपरा और संस्कृति में पर्यावरण की अवधारणा। जनपदोध्वंस - वायु, जल, देश, काल की विकृतियाँ। 

● मानव गतिविधियों का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण से संबंधित नैतिकता और मूल्य, जैव-विविधता (विशेष रूप से मध्यप्रदेश के संदर्भ में), पर्यावरण- प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन। लुप्तप्राय एवं विलुप्त प्रजातियाँ। 

● पर्यावरण से संबंधित समस्याएँ और चुनौतियाँ, पर्यावरणीय क्षरण के कारण और प्रभाव। पर्यावरण शिक्षा - सार्वजनिक जन जागरुकता के कार्यक्रम, पर्यावरण शिक्षा एवं उसका स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंध। 

● पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक प्रावधान। पर्यावरण संरक्षण नीतियाँ और नियामक ढाँचा। 

● पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की जनजातियों की भूमिका ( बैगा, सहरिया, भारिया, भील, गोंड इत्यादि। 

● ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन - नगरीय और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण, प्रभाव एवं नियंत्रण के उपाय। 

● स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान - उद्देश्य, विभिन्न चरण, उपलब्धियाँ तथा भविष्य। 

● जल सुरक्षा। 

● जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जाने वाले विभिन्न प्रयास। 

                                                                       चतुर्थ प्रश्नपत्र
                                     खण्ड - (अ) दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी 

इकाई -1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक / विचारक, समाज सुधारक 

● भारतीय षड्दर्शन। सुकरात, प्लेटो, अरस्तू। 

● महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि। 

● गुरुनानक, कबीर, तुलसीदास, संत रविदास। 

● रवीन्द्रनाथ टैगोर, राजा राममोहन राय, देवी अहिल्याबाई होलकर, सावित्रीबाई फुले। 

● स्वामी दयानंद सरस्वती स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय। 

इकाई - 2 राष्ट्र निर्माण एवं नैतिक अवधारणाएँ 

● राष्ट्र की अवधारणा, शक्ति एवं घटक। 

● राष्ट्रीय सुरक्षा, हित एवं चरित्र। 

● राष्ट्रीय सुरक्षा संचालन, सशस्त्र सैन्य बल, अंग एवं प्रकार तथा गुप्तचर एजेंसियाँ। 

● मूल नैतिक अवधारणाएँ - शुभ, सद्गुण, अहिंसा, उत्तरदायित्त्व। 

● भगवद्गीता का नीतिशास्त्र एवं प्रशासन में उसकी भूमिका । 

इकाई - 3 मानवीय व्यवहार एवं मनोचिकित्सा 

● मनोवृत्ति - विषयवस्तु, तत्व, प्रकार्य, मनोवृत्ति का निर्माण, मनोवृत्ति में परिवर्तन, प्रबोधक संप्रेषण, पूर्वाग्रह तथा भेदभाव, भारतीय संदर्भ में रूढ़िवादिता। 

● अभिक्षमता - अभिक्षमता एवं लोक सेवा हेतु आधारभूत मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं असमर्थकवादी, वस्तुनिष्ठता, लोक सेवा के प्रति समर्पण, समानुभूति, सहिष्णुता एवं कमजोर वर्गों के प्रति संवेदना। 

● सांवेगिक बुद्धि - सम्प्रत्यय, शासन-प्रशासन में इसकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग। 

● व्यक्तिगत भिन्नताएँ- कारक, सिद्धांत एवं व्यवहार भिन्नताएँ। 

● मनोविकार एवं मनोचिकित्सा - अवसाद, सामाजिक दुश्चिंता मनोविकार, सिजोफेनिया, सामाजिक दुर्भीति, द्विध्रुवी मनोविकार। मनोचिकित्सा - व्यक्ति केन्द्रित चिकित्सा, व्यवहार चिकित्सा, तर्क संगत भावनात्मक व्यवहार चिकित्सा, संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा, सकारात्मक चिकित्सा एवं पारिवारिक चिकित्सा। 

इकाई -4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य 

● मानवीय आवश्यकताएँ एवं अभिप्रेरणा - मानव व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले विभिन्न तत्व, कर्तव्यपरायणता, मूल्यबोध, जीवन मूल्य, संवेदनशीलता, टेक्नोलॉजी एवं नैतिक मूल्य।

● लोक प्रशासन में नैतिक सद्गुण एवं मूल्य - प्रशासन में नैतिक तत्व - सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अंतरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन। 

● भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसिलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त। 

इकाई - 5-- केस स्टडी - प्रश्नपत्र के खण्ड (अ) में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित पाठ्यक्रम। 

                                                                        चतुर्थ प्रश्नपत्र
                                      खण्ड - ( ब ) उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी 

इकाई-1 उद्यमिता अवधारणा एवं विकास 

● उद्यमिता की अवधारणा एवं महत्व। 

● उद्यमशीलता के लक्षण, सिद्धांत, विशेषताएँ एवं नवाचार का महत्व। 

● उद्यमशीलता की प्रक्रिया - सृजनशीलता, विचार सृजन, अनुवीक्षण एवं व्यवसाय योजना। 

● नए उद्यम प्रबंधन में मुख्य मुद्दे एवं वैधानिक आवश्यकताएँ, महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियाँ। 

● भारत में उद्यमिता का विकास - स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, भारत में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने वाले संस्थान। 

इकाई - 2 व्यावसायिक संगठन एवं प्रबंधन 

● प्रबंध - अवधारणा, महत्व, क्षेत्र, प्रबंध एवं प्रशासन। क्रय तथा सामग्री प्रबंधन। 

● प्रबंध प्रक्रिया, संसाधन प्रबंधन एवं प्रबंध के कार्य नियोजन, संगठन, निर्देशन, नियंत्रण, समन्वय, निर्णयन, अभिप्रेरणा, नेतृत्व एवं संचार। 

● समय प्रबंधन एवं संगठन। 

● ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं नेटवर्किंग। 

इकाई - 3 प्रशासन व प्रबंधन 

● लोक प्रशासन में प्रबंध के महत्वपूर्ण आयाम। मानव संसाधन प्रबंध। 

● वित्तीय प्रबंध - लोक प्रशासन में उनका कार्यक्षेत्र एवं महत्व। 

● लोक कार्य क्षेत्र में तनाव प्रबंधन एवं विवाद प्रबंधन की विभिन्न तकनीकें एवं उनका महत्व। 

● बहुलता (अनेकता) का प्रबंधन एवं प्रशासन, जन प्रबंधन के अवसर एवं चुनौतियाँ। 

● आपदा प्रबंधन। 

इकाई-4 समग्र व्यक्तित्व विकास 

● समग्र व्यक्तित्व एवं राष्ट्रीय विकास। 

● व्यक्तित्व विकास के विभिन्न घटक। 

● सफलता की अवधारणा। 

● सफलता प्राप्त करने में बाधाएँ। 

● सफलता के लिए जिम्मेदार कारक। 

● असफलता से सीखना - असफलताओं को मूल्यवान अंतर्दृष्टि और निरंतर सुधार के अवसर के रूप में स्वीकार करना। 

● सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन - सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीतियों को क्रियान्वित करना। 

● निम्नांकित मुद्दों से संबंधित तथ्य और दृष्टिकोण - नागरिक बोध, संस्था के प्रति निष्ठा, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, यातायात प्रबंधन, नशाखोरी की प्रवृत्ति, खाद्य पदार्थों में मिलावट, नाइट कल्चर, मूल्य आधारित जीवन एवं विधिक जागरुकता कार्यक्रम। 

इकाई - 5 -- केस स्टडी - प्रश्नपत्र के खण्ड (ब) में सम्मिलित विषयवस्तु पर आधारित पाठ्यक्रम। 

                                                              

                                                                       षष्ठम प्रश्नपत्र
                                                           हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन 

1. प्रथम निबंध ( लगभग 1000 शब्दों में ) - निम्नांकित विषय - क्षेत्रों से निबंध पूछा जा सकता है। जैसे- भारतीय ज्ञान-विज्ञान परंपरा, विकसित भारत @2047, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना, स्वर्णिम मध्यप्रदेश, अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम, मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास, पर्यावरण, विज्ञान, धर्म-आध्यात्म, विश्व ग्राम की संकल्पना, शिक्षा में गुणवत्ता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020, परंपरागत कौशल आधारित व्यवसाय, आधुनिकीकरण, भूमंडलीकरण, उदारीकरण, कृत्रिम बुद्धिमता, परंपरागत खेल, सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता एवं संस्कृति, धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन, युवा नीति, योग एवं स्वास्थ्य, ई-मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, नेतृत्व एवं विकास, सुशासन, नौकरशाही, लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका, जनजातीय विकास, स्वदेशी, स्वभाषा, राष्ट्रीयता के विभिन्न मुद्दे, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता, सामुदायिक जीवन, सामाजिक सरोकार, नवीनीकरणीय ऊर्जा, सतत् विकास लक्ष्य, समावेशी विकास, ग्राहक जागरुकता - आज की आवश्यकता, मादक पदार्थों का सेवन एवं दुष्प्रभाव, घरेलू हिंसा, बाह्य एवं आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे, व्यवसायगत सरलता, सोशल मीडिया का मानव जीवन पर प्रभाव, गौरवशाली भारतीय संस्कृति, वसुधैव कुटुम्बकम्, मानवीय जीवन में संस्कार और जीवन मूल्य, वन नेशन वन हेल्थ सिस्टम / पॉलिसी - 2030 |  -----------------------------------------------------------------------------------------------(अंक 50) 

2. द्वितीय निबंध - समसामयिक समस्याएँ एवं निदान (लगभग 500 शब्दों में) --------------------अंक 20

3. प्रारूप लेखन - शासकीय व अर्धशासकीय पत्र, परिपत्र (सर्क्युलर), प्रपत्र, विज्ञापन, आदेश, अंक पृष्ठांकन, अनुस्मारक ( स्मरण पत्र ) | ( लगभग - 250 शब्दों में)। ---------------------------------------------अंक 15

4. प्रतिवेदन (रिपोर्ट राइटिंग), अधिसूचना ( नोटिफिकेशन), ज्ञापन (मेमोरेण्डम) टिप्पण अंक लेखन। ( लगभग 250 शब्दों में) । ---------------------------------------------------------------------------------------अंक 15 


                                                               अंकों का कुल योग 

                                                                      अंक 100





Saturday, March 22, 2025

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

               


                 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम
                                                                  (2024 से प्रभावशील) 
                                                         प्रथम प्रश्न पत्र - सामान्य अध्ययन 

परीक्षा योजना:
प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार)
प्रश्नपत्र 1: सामान्य अध्ययन - 200 अंक
प्रश्नपत्र 2: सामान्य अभिरुचि परीक्षण - 200 अंक (क्वालीफाइंग)
प्रत्येक प्रश्नपत्र की अवधि: 2 घंटे
नकारात्मक अंकन: नहीं

विस्तृत पाठ्यक्रम:

1. भारत का इतिहास 

 संकल्पना एवं विचार - प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतवर्ष, वेद, उपनिषद, आरण्यक, ब्राह्मण ग्रंथ, षड्दर्शन, स्मृतियाँ, ऋत सभा समिति, गणतंत्र, वर्णाश्रम, पुरुषार्थ, ऋण संस्कार, पंचमहायज्ञ / यज्ञ, कर्म का सिद्धांत, बोधिसत्व, तीर्थंकर। 

● 
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ। 

● भारत की सांस्कृतिक विरासत - कला प्रारूप, साहित्य, पर्व एवं उत्सव। 

● 19वीं एवं 20वीं शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन। 

● स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन। 

● स्वतंत्रता के पश्चात् भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन।
 

2. मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य 

● मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ, प्रमुख राजवंश। 

● स्वतंत्रता आंदोलन में मध्यप्रदेश का योगदान। 

● मध्यप्रदेश की प्रमुख कला एवं स्थापत्य कला। 

● मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ एवं उनकी बोलियाँ। 

● मध्यप्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएँ एवं लोक-साहित्य। 

● मध्यप्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियाँ। 

● मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थल। 

● मध्यप्रदेश में विश्व धरोहर स्थल। 

● मध्यप्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व। 

3. भारत का भूगोल 

● पर्वत, पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें। 

● जलवायु घटनाएँ- अल-नीनो, ला नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, परिवर्तन के परिणाम। 

● प्राकृतिक संसाधन - वन, खनिज, जल संसाधन। 

● प्रमुख फसलें, खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, दूसरी हरित क्रांति की रणनीतियाँ। 

● ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत। 

● भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ, भारत में प्रमुख चक्रवात। 

● जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, ग्रामीण-नगरीय प्रवास।

4. मध्यप्रदेश का भूगोल 

● वन, वनोपज, नदियाँ, पहाड़ियाँ और पठार। 

● जलवायु — ऋतुएँ, तापमान, वर्षा। 

● प्राकृतिक संसाधन - मिट्टियाँ, प्रमुख खनिज संसाधन। 

● प्रमुख फसलें, जल संसाधन, सिंचाई और सिंचाई परियोजनाएँ। 

● ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत। 

● मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योग। 

● जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, नगरीकरण। 

5. भारत एवं मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था 

● संविधान सभा। 

● संघीय कार्यपालिका, राष्ट्रपति एवं संसद। 

● सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था। 

● संवैधानिक संशोधन। 

● नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत। 

● राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक / सांविधिक आयोग एवं संस्थाएँ। 

● मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था ( राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च न्यायालय)। 

● मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था। 

● मध्यप्रदेश में सुशासन (अभिशासन व्यवस्था)।

6. भारत एवं मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था 

● भारतीय अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश की वर्तमान स्थिति। 

● मध्यप्रदेश की जनसंख्या व मानवीय संसाधनों का विकास- शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल ! 

● सतत् विकास लक्ष्यों में मध्यप्रदेश की प्रगति। 

● मध्यप्रदेश में कृषि, उद्योग, एम. एस. एम. ई. एवं अधोसंरचना का विकास। 

● आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, एक जिला एक उत्पाद (ओ.डी.ओ.पी.)। 

● मध्यप्रदेश में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आई.पी. आर.) की प्रगति। 

● भारतीय अर्थव्यवस्था की नवीन प्रवृत्तियाँ - कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र। 

● वित्तीय संस्थाएँ - रिज़र्व बैंक, वाणिज्यिक बैंक, सेबी, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाएँ। 

● भारत की विदेशी व्यापार की नीतियाँ एवं जी- 20, सार्क तथा आशियान।

7. विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य 

● विज्ञान की प्रमुख शाखाओं का प्रारंभिक ज्ञान। 

● भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियाँ। 

● उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ। मानव शरीर संरचना। 

● पोषण, आहार, पोषक तत्व एवं कुपोषण। 

● अनुवांशिक रोग, सिकल सेल एनीमिया - कारण, प्रभाव, निदान एवं कार्यक्रम। 

● स्वास्थ्य नीति एवं कार्यक्रम, संक्रामक रोग, उनकी रोकथाम एवं स्वास्थ्य सूचक। 

● सतत् विकास की अवधारणा एवं एस. डी. जी.। 

● पर्यावरणीय कारक, पारिस्थितिकीय तंत्र एवं जैव-विविधता। 

● प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबंधन।

8. अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं मध्यप्रदेश की समसामयिक घटनाएँ 

● अंतर्राष्ट्रीय समसामायिक घटनाएँ। 

● राष्ट्रीय समसामायिक घटनाएँ। 

● मध्यप्रदेश की समसामायिक घटनाएँ।

9. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी 

● कंप्यूटर का आधारभूत ज्ञान। 

● इलेक्ट्रॉनिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी 

● रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं सायबर सिक्यूरिटी। 

● ई-गवर्नेस। 

● इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्मस्। 

10. मध्यप्रदेश की जनजातियाँ - विरासत, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य 

● मध्यप्रदेश में जनजातियों का भौगोलिक विस्तार, जनजातियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान। 

● मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ, विशेष पिछड़ी जनजातियाँ एवं घुमन्तू जातियाँ, जनजातियों के कल्याण के लिए      योजनाएँ। 

● मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति - परम्पराएँ, विशिष्ट कलाएँ, त्यौहार, उत्सव, भाषा, बोली एवं साहित्य। 

● मध्यप्रदेश की जनजातियों का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान एवं राज्य के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व।      मध्यप्रदेश में जनजातियों से संबंधित प्रमुख संस्थान, संग्रहालय, प्रकाशन। 

● मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य। 

                                                        द्वितीय प्रश्न पत्र - सामान्य अभिरुचि परीक्षण  

● बोधगम्यता 

● जीवन शैली, प्रतिबल। 

● संचार कौशल सहित अंतर

● तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता

● निर्णय लेना एवं समस्या समाधान 

● सामान्य मानसिक योग्यता 

● आधारभूत संख्ययन ( संख्याएँ एवं उनके संबंध , विस्तार क्रम आदि- दसवीं कक्षा का स्तर) आँकडों का निर्वचन ( चार्ट , ग्राफ तालिका , आँकडों की पर्याप्तता आदि - दसवीं कक्षा : स्तर ) 

● हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल ( दसवीं कक्षा का स्तर)



Wednesday, March 19, 2025

मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियाँ


                                                         
                                                           मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियाँ 

मध्य प्रदेश से कई महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम होता है साथ ही जल संसाधनों की प्रचुरता है। 150 से अधिक बड़ी और छोटी नदियों की उपस्थिति के कारण इन्हें  मध्य प्रदेश की नदियां का घर (नदियों का मायका) कहा जाता है।"मायका" शब्द का अर्थ है "माँ का घर" या "उद्गम स्थल"। मध्य प्रदेश में कई बड़ी और छोटी नदियाँ बहती हैं जो राज्य और आसपास के क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा का काम करती हैं।

यहाँ कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं कि मध्य प्रदेश को नदियों का मायका क्यों कहा जाता है:

नदियों का उद्गम: नर्मदा, ताप्ती, चंबल, बेतवा, सोन और क्षिप्रा जैसी महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम मध्य प्रदेश में ही होता है।
नदियों का जाल: राज्य में नदियों का एक घना जाल फैला हुआ है, जो सिंचाई, पीने के पानी और अन्य उद्देश्यों के लिए जल संसाधन प्रदान करता है।
कृषि के लिए महत्व: ये नदियाँ मध्य प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सांस्कृतिक महत्व: नदियों का मध्य प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं में गहरा महत्व है, और इन्हें पवित्र माना जाता है।

मध्य प्रदेश की नदियों का वर्गीकरण:

1. उद्गम के आधार पर:
मध्य प्रदेश में उद्गम होने वाली नदियाँ: नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, केन, सोन, क्षिप्रा, माही, पार्वती, काली सिंध आदि।
मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाली नदियाँ: गंगा, यमुना, महानदी, गोदावरी (कुछ भाग) आदि।

2. प्रवाह की दिशा के आधार पर:
पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ: नर्मदा, ताप्ती, माही।
उत्तर की ओर बहने वाली नदियाँ: चंबल, बेतवा, केन, सिंध, पार्वती, काली सिंध। ये नदियाँ अंततः यमुना या गंगा में मिल जाती हैं।
पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ: सोन, महानदी। ये नदियाँ गंगा या बंगाल की खाड़ी में मिल जाती हैं।
दक्षिण की ओर बहने वाली नदियाँ: वेनगंगा, वर्धा, पेंच, कान्हन। ये नदियाँ गोदावरी नदी प्रणाली का हिस्सा हैं।

                                              मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियाँ (विस्तार से):



1. नर्मदा नदी:

➤मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण नदी, जिसे "मध्य प्रदेश की जीवन रेखा" कहा जाता है और भारत की 5 वी सबसे बड़ी नदी है। 
                                                                        
उद्गम: अमरकंटक (अनूपपुर जिला)
प्रवाह दिशा: पश्चिम                                                                                 
अवसान स्थल: खंभात की खाड़ी (अरब सागर)
कुल लंबाई: 1312 कि.मी. (मध्य प्रदेश में 1077 कि.मी.)
नर्मदा नदी: मध्यप्रदेश ,गुजरात और महाराष्ट्र से होकर बहती है 
सहायक नदियाँ:
★इसकी 41 सहायक नदिया है,22 बाए तरफ से तथा 19 दाए तरफ से बहती है 
दाहिनी ओर से प्रमुख सहायक नदियाँ हैं- हिरन, तेंदोरी, बरना, कोलार, मान, उरी, हटनी और ओरसांग।
प्रमुख बायीं सहायक नदियाँ हैं- बर्नर, बंजार, शेर, शक्कर, दूधी, तवा, गंजाल, छोटा तवा, कुंडी, गोई और कर्जन।
विशेषताएँ:
★यह एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) से होकर बहती है, जिसके कारण डेल्टा नहीं बनाती बल्कि यह एश्चुरी का निर्माण करती है।
★नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध, इंदिरा सागर बांध (ओंकारेश्वर बांध) और महेश्वर बांध अवंतीबाई(जबलपुर),इंदिरा सागर(खंडवा),चंद्रशेखर(अलीराजपुर),सरदार सरोवर(गुजरात) जैसी प्रमुख परियोजनाएँ स्थित हैं।
★नर्मदा नदी के अन्य नाम -भारत की ह्रदय रेखा,म.प्र व गुजरात की जीवन रेखा,म.प्र की गंगा,मैकलसुता,नामोदस,रेवा,शंकरी आदि।
★सर्वौच्च न्यायलय द्वारा 2017 में नर्मदा नदी को जीवित नदी का दर्जा दिया गया है। 
★नर्मदा नदी पर गौरीघाट(जबलपुर),सेठानी घाट (होशंगाबाद),बारमान घाट(नरसिंगपूर गाडरवाड़ा-यहाँ पर 13 दिनों के लिए मकर सक्रांति के अवसर पर बरमान का मेला आयोजिय किया जाता है )
★नर्मदा नदी पर महेश्वर घाट स्थित है जिसे देवी अहिल्याबाई जी द्वारा बनवाया गया था 
★खरगौन जिले के बड़वाह में नर्मदा नदी पर महाशीर मछली प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया है 
★11 दिसंबर 2016 अमरकंटक से नर्मदा सेवा यात्रा सुरू की गयी जो 15 मई 2027 को समाप्त हुई 
नर्मदा नदी को खुशियों की नदी कहा जाता है 
★31अक्टूबर 2018 को गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर दुनियाँ की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की "स्टेच्यू ऑफ यूनिटी"का अनावरण किया गया जिसकी ऊंचाई 182 मीटर है  (वास्तुकार-राम सुतार) 

2. चंबल नदी:

➤म.प्र की दूसरी सबसे बड़ी नदी 
उद्गम: जानापाव पहाड़ी, महू (इंदौर)                                                 
प्रवाह दिशा: उत्तर-पूर्व
अवसान स्थल: यमुना नदी (उत्तर प्रदेश)
कुल लंबाई: 965 कि.मी.
विशेषताएँ:
★मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा बनाती है।
★अपने बीहड़ों (Ravines) के लिए जानी जाती है।
★इसकी सहायक नदियाँ क्षिप्रा, काली सिंध, पार्वती, बनास आदि हैं।
★गांधी सागर बांध(मंदसौर म.प्र),जवाहर सागर (कोटा राजस्थान) और राणा प्रताप सागर(चित्तौड़गढ़ राजस्थान) बांध इस पर स्थित हैं।
★चम्बल नदी पर ही चूलिया जलप्रपात (राजस्थान) है।
चम्बल नदी के अन्य नाम -चर्मावती,कामधेनु,धर्मवती और रतिदेव की कीर्ति।
★चम्बल नदी पर घड़ियाल अभ्यारण्य मुरैना में है साथ इस नदी पर डाल्फिन संरक्षण किया जाता है।
★चम्बल नदी एलवियम चट्टान (भिंड,मुरैना) को काटकर गहरे खड्ड बनाती है जिसे रबीन्स कहते है।  
★राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के त्रि-जंक्शन पर चंबल नदी के तट पर स्थित है। यह गंभीर रूप से संकटग्रस्त घड़ियाल, रेड क्राउन्ड रूफ टर्टल और संकटग्रस्त गंगा नदी डॉल्फिन के लिये प्रसिद्ध है।

3. ताप्ती नदी:

➤ताप्ती नदी भी नर्मदा नदी के समान पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है 
उद्गम: मुल्ताई (बैतूल जिला)
प्रवाह दिशा: पश्चिम                                                                           
अवसान स्थल: अरब सागर(सूरत के निकट)
➤कुल लंबाई: 724 कि.मी.(मध्यप्रदेश मे 333 कि.मी) 
➤विशेषताएँ:
★नर्मदा नदी के समानांतर बहती है।
★यह भी एक भ्रंश घाटी से होकर गुजरती है जिस कारण डेल्टा नहीं बनाती बल्कि यह एश्चुरी का निर्माण करती है।
★यह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों से होकर बहती है।
ताप्ती नदी के अन्य नाम -तापी,सूर्य पुत्री,सूरसुता। 
★ताप्ती नदी सतपुड़ा पर्वत व अजंता पर्वत के मध्य प्रवाहित होती है। 
★ताप हरने वाली ताप्ती नदी को विष्णुपुराण में ‘सहस भादो भदवा’ कहा गाया है।
★इसकी सहायक नदियाँ -पूर्णा,सिवा,बोरी।

4. बेतवा नदी:

➤बेतवा को म.प्र की गंगा (प्रदूषण के अनुसार) कहा जाता है 
इसका पौराणिक नाम -वैत्रवती है                                                    
उद्गम: विंध्य पर्वत श्रृंखला
प्रवाह दिशा: उत्तर-पूर्व
अवसान स्थल: यमुना नदी (हमीरपुर,उत्तर प्रदेश)
कुल लंबाई: 480 कि.मी.(मध्यप्रदेश मे 380 कि.मी.है) 
➤विशेषताएँ:
★इसे "बुंदेलखंड की जीवन रेखा" कहा जाता है।
★राजघाट बांध इस पर स्थित है।
★इसकी सहायक नदियाँ- बीना नदी (यह बेतवा की सबसे बड़ी सहायक नदी है),केन, धसान नदी,हलाली नदी।
★बेतवा नदी पर कई महत्वपूर्ण बांध स्थित हैं, जिनका उपयोग सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। इनमें से कुछ प्रमुख बांध निम्नलिखित हैं: माताटीला बांध(निर्माण 1958),राजघाट बांध,परीक्षा बांध।
★देवगढ़ (उ.प्र.) इसी नदी के किनारे स्थित है, जिसे  ‘बेतवा का आइसलैंड ’ कहा जाता  है। 

5. केन नदी:

➤उद्गम: कैमूर पहाड़ियाँ (कटनी)
➤प्रवाह दिशा: उत्तर-पूर्व
अवसान स्थल: यमुना नदी (बांदा,उत्तर प्रदेश)                                       
➤कुल लंबाई: 427 कि.मी.(मध्यप्रदेश मे 292 कि.मी.है)
➤विशेषताएँ:
★अपनी गहरी घाटियों और सुंदर झरनों के लिए जानी जाती है।
★मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा इसे म.प्र की सबसे सुंदर नदी का दर्जा दिया गया है।
★भारत की पहली नदी लिंक परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना है(2005 मे)।
★पांडव जलप्रपात (पन्ना) इसी नदी पर स्थित है।
★केन नदी पर स्थित प्रमुख बांध इस प्रकार हैं: गंगऊ बांध ,रणगढ़ बांध,बरियारपुर बांध।
★केन नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ निम्नलिखित हैं: सोन नदी (सबसे बड़ी सहायक नदी),ब्यास नदी ,उर्मिल नदी ,श्यामा नदी,कल्याण नदी आदि।

6. सोन नदी:

➤उद्गम: अमरकंटक सोनमूडा के पास
➤प्रवाह दिशा: उत्तर-पूर्व
अवसान स्थल: गंगा नदी (बिहार मे पटना के निकट)
➤कुल लंबाई: 780 कि.मी.
➤विशेषताएँ:
★गंगा की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
★इसे स्वर्ण नदी भी कहा जाता है।
★सोन नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ: रिहंद नदी (सबसे बड़ी सहायक नदी है), रिहंद नदी ,उत्तरी कोयल नदी ,गोपद नदी ,कन्हर नदी,बनास नदी।
★सोन नदी पर स्थित प्रमुख बांध-बाणसागर बांध (मध्य प्रदेश के शहडोल जिले) 🠂 बाणसागर बांध का नाम बाणभट्ट के नाम पर रखा गया है, जो सातवीं शताब्दी के संस्कृत विद्वान थे,इंद्रपुरी बैराज (बिहार के रोहतास जिले)
★सोन नदी पर स्थित प्रमुख परियोजनाएँ-बाणसागर परियोजना,सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System)
 🠂यह बिहार में स्थित एक पुरानी नहर प्रणाली है, जो सोन नदी से पानी प्राप्त करती है। इस प्रणाली का निर्माण ब्रिटिश काल में किया गया था और इसका उद्देश्य रोहतास और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई करना है। इंद्रपुरी बैराज इस प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रिहंद परियोजना हालांकि रिहंद बांध रिहंद नदी पर बना है (जो सोन नदी की सहायक नदी है), फिर भी यह सोन नदी बेसिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

7. क्षिप्रा नदी:

➤उद्गम: काकरी बरडी पहाड़ी (इंदौर)
➤प्रवाह दिशा: उत्तर
अवसान स्थल: चंबल नदी(कोटा के समीप)
➤कुल लंबाई: 195 कि.मी.
➤विशेषताएँ:
★उज्जैन शहर इसी नदी के किनारे स्थित है, जहाँ कुंभ मेला लगता है(प्रत्येक 12 साल मे)।
★इसे मालवा की गंगा कहा जाता है।
★इसी के किनारे महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) स्थित है।
★इस नदी पर रामघाट स्थित है।
★इसकी सहायक नदी -खान नदी 

8. माही नदी:

➤उद्गम: विंध्याचल पर्वत
➤प्रवाह दिशा: पश्चिम
अवसान स्थल:खंभात की खाड़ी (गुजरात,अरब सागर)
कुल लंबाई: 583 कि.मी.
➤विशेषताएँ:
★यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है इस दौरान यह उल्टे U अकार मे बहती है।
★इसे आदिवासियों की गंगा कहा जाता है।
माही नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ -सोम नदी,जाखम नदी ,अनास नदी ,पानम नदी 
माही नदी पर स्थित प्रमुख परियोजनाएँ -माही बजाज सागर परियोजना (यह माही नदी पर स्थित सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है यह राजस्थान और गुजरात राज्यों की संयुक्त परियोजना है),माही बजाज सागर बांध (राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में), कागदी पिकअप वियर ,कडाणा बांध (गुजरात में माही नदी पर)

नदियों का महत्व:

कृषि: सिंचाई के लिए पानी प्रदान करती हैं।
पेयजल: लाखों लोगों के लिए पेयजल का स्रोत हैं।
जल विद्युत: बिजली उत्पादन के लिए जल विद्युत परियोजनाएँ स्थापित हैं।
➤परिवहन: कुछ नदियाँ जलमार्ग के रूप में उपयोग की जाती हैं।
➤मत्स्य पालन: मछली पालन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
➤पर्यटन: नदियों के किनारे स्थित पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

नदियों से जुड़ी समस्याएँ:

प्रदूषण: औद्योगिक कचरे और सीवेज के कारण नदियों का प्रदूषण एक गंभीर समस्या है।
➤जल की कमी: जनसंख्या वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के कारण जल की कमी बढ़ रही है।
➤अवैध खनन: नदियों में अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है।
➤बांधों का निर्माण: बांधों के निर्माण से नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आ रही है।

नदियों के संरक्षण के उपाय:

प्रदूषण नियंत्रण: नदियों में कचरा डालने पर रोक लगाना और औद्योगिक कचरे का उपचार करना।
➤जल संरक्षण: वर्षा जल संचयन और सिंचाई के तरीकों में सुधार करना।
➤अवैध खनन पर रोक: नदियों में अवैध खनन को रोकना और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन करना।
➤नदी पुनरुद्धार परियोजनाएँ: नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न परियोजनाएँ शुरू करना।


                                                      

Tuesday, March 18, 2025

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

                                                                 कान्हा राष्ट्रीय उद्यान 

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के बालाघाट और मंडला जिलों में फैला कान्हा राष्ट्रीय उद्यान भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यह अपनी बाघों की आबादी और समृद्ध जैव विविधता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

1. इतिहास और स्थापना                                                                                              


➤कान्हा क्षेत्र को 1933 में अभयारण्य घोषित किया गया था।
➤कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1955 में हुई थी और बाद में इसे 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत शामिल किया गया।
क्षेत्रफल: लगभग 940 वर्ग किलोमीटर (360 वर्ग मील) का मुख्य क्षेत्र और 1,067 वर्ग किलोमीटर (412 वर्ग मील) का बफर जोन है।
➤कान्हा भारत के पहले बाघ अभयारण्यों में से एक था, जिसे 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत शामिल किया गया था।

2. वन्यजीव और जैव विविधता:

वनस्पति: यहाँ मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन पाए जाते हैं, जिनमें साल  के पेड़ प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ बाँस, सागौन, और अन्य प्रकार के पेड़ भी पाए जाते हैं।
➤यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘बारहसिंगा’ है, जिसे यहाँ “कान्हा का गहना” भी कहा जाता है। इसके अलावा  बाघ , तेंदुआ ,जंगली कुत्ता, भारतीय बाइसन (गौर) , बारहसिंगा , चीतल , सांभर , लंगूर, और कई अन्य प्रकार के जानवर पाए जाते हैं।
पक्षी: कान्हा में पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें मोर, उल्लू, बाज, और विभिन्न प्रकार के जलपक्षी शामिल हैं।

3. आकर्षण:

सनसेट पॉइंट (बामनी डाडा): यह स्थान उद्यान के सबसे सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।
वन्यजीव म्यूजियम: यहाँ कान्हा के समृद्ध इतिहास और जैव विविधता से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
नेचर ट्रेल्स: पैदल यात्रा के लिए भी कुछ मार्ग उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाते हैं।
बाघ: कान्हा बाघों को देखने के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। बाघों की अच्छी आबादी के कारण यहाँ अक्सर बाघ दिखाई देते हैं।
बारहसिंगा: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान बारहसिंगा की एकमात्र आबादी का घर है। यह प्रजाति यहाँ की पहचान है और इसे बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
कान्हा संग्रहालय: यहाँ एक संग्रहालय है जो पार्क के इतिहास, वन्यजीवों और संरक्षण प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
जंगल सफारी: पर्यटक जीप सफारी और हाथी सफारी के माध्यम से जंगल का अनुभव कर सकते हैं।

नोट :-
1.
 कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
2.यह भारत का पहला बाघ अभयारण्य है जिसने आधिकारिक तौर पर सरकारी शुभंकर, "भूरसिंह द बारासिंघा" को पेश किया है। (डिजाइन - रोहन चक्रवर्ती ने दिया है)
3. बारहसिंघा (ब्रेडरी प्रजाति) को दलदल का मृग भी कहा जाता है 
4.बारहसिंघा को 1981 में राजकीय पशु घोषित किया गया 








Monday, March 17, 2025

मंत्रिपरिषद क्या है

मंत्रिपरिषद क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 74 में मंत्रिपरिषद के गठन के बारे में उल्लेख किया गया है जबकि अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, उनके कार्यकाल, ज़िम्मेदारी, शपथ, योग्यता और मंत्रियों के वेतन एवं भत्ते से संबंधित है।

मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की तीन श्रेणियाँ होती हैं, अर्थात् कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री। इन सभी मंत्रियों में  शीर्ष स्थान पर प्रधानमंत्री होता है

मंत्रिपरिषद सरकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मंत्रियों का एक समूह होता है जो सरकार के विभिन्न विभागों (जैसे वित्त, रक्षा, विदेश मामले, आदि) का नेतृत्व करते हैं। मंत्रिपरिषद का मुख्य काम सरकार की नीतियों को बनाना, उन्हें लागू करना और देश का प्रशासन चलाना होता है।

मंत्रिपरिषद का गठ :-                                                                 


प्रधानमंत्री: मंत्रिपरिषद का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। प्रधानमंत्री का चयन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, आमतौर पर उस पार्टी या गठबंधन के नेता को जो लोकसभा (संसद का निचला सदन) में बहुमत प्राप्त करता है।

अन्य मंत्री: प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं। ये मंत्री आमतौर पर संसद के सदस्य होते हैं (लोकसभा या राज्यसभा)। यदि कोई व्यक्ति संसद का सदस्य नहीं है, तो भी उसे मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन उसे 6 महीने के भीतर संसद का सदस्य बनना होगा।

मंत्रियों के प्रकार:

मंत्रिपरिषद में विभिन्न स्तर के मंत्री होते हैं:

कैबिनेट मंत्री: ये मंत्रिपरिषद के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं। उनके पास सरकार के महत्वपूर्ण विभाग होते हैं, जैसे वित्त, रक्षा, विदेश मामले, गृह मंत्रालय आदि। कैबिनेट मंत्री नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): ये मंत्री किसी मंत्रालय या विभाग के स्वतंत्र प्रभारी होते हैं, लेकिन वे कैबिनेट मंत्रियों की तरह कैबिनेट की बैठकों में नियमित रूप से भाग नहीं लेते हैं।
राज्य मंत्री: ये मंत्री कैबिनेट मंत्रियों की सहायता करते हैं और उनके अधीन काम करते हैं।

संवैधानिक प्रावधान:

अनुच्छेद 74 (राष्ट्रपति की सहायता और उसे सलाह देने के लिये मंत्रिपरिषद): मंत्रियों द्वारा राष्ट्रपति को दी गई सलाह की किसी भी अदालत में जाँच नहीं की जाएगी।

➤राष्ट्रपति को पुनर्विचार करने के लिये मंत्रिपरिषद की आवश्यकता हो सकती है और राष्ट्रपति पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करेगा।

अनुच्छेद 75 (मंत्रियों के रूप में अन्य प्रावधान): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाएगी।

➤मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिये।

➤यह प्रावधान वर्ष 2003 के 91वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था।

➤मंत्रियों के लिये यह ज़रूरी है कि वे संसद के सदस्य हों, यदि संबंधित व्यक्ति संसद की सदस्यता के बिना मंत्री बनता है तो उसे छः महीने के भीतर संसद का सदस्य होना पड़ेगा, ऐसा न हो पाने की स्थिति में उसे अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।

अनुच्छेद 77 (भारत सरकार के कार्यों का संचालन): राष्ट्रपति भारत सरकार के व्यवसाय को अधिक सुविधाजनक और मंत्रियों के बीच उक्त व्यवसाय के आवंटन के लिये नियम बनाएगा।

अनुच्छेद 78 (प्रधानमंत्री के कर्तव्य): मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गए संघ के प्रशासन और कानून के प्रस्तावों से संबंधित सभी निर्णयों को राष्ट्रपति को सूचित करना।

अनुच्छेद 88 (सदनों के संबंध में मंत्रियों के अधिकार): प्रत्येक मंत्री को किसी भी सदन की कार्यवाही, सदनों की किसी भी संयुक्त बैठक और संसद की किसी भी समिति, जिसका वह सदस्य नामित किया जा सकता है, की
कार्यवाही में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार होगा लेकिन उसे वोट देने का अधिकार नहीं होगा।

मंत्रियों के उत्तरदायित्व:

➤सामूहिक उत्तरदायित्व:

★अनुच्छेद 75 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है। इसका तात्पर्य यह है कि सभी मंत्री अपने सभी भूल और कार्यों के लिये लोकसभा के प्रति संयुक्त रुप से ज़िम्मेदार हैं।

➤ व्यक्तिगत उत्तरदायित्व:

★अनुच्छेद 75 में व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धांत भी शामिल है। इसमें कहा गया है कि मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, जिसका अर्थ है कि राष्ट्रपति किसी मंत्री को ऐसे समय में भी हटा सकता है जब मंत्रिपरिषद को लोकसभा का विश्वास प्राप्त हो।

हालाँकि राष्ट्रपति किसी भी मंत्री को प्रधानमंत्री की सलाह पर ही हटाता है।

मंत्रिपरिषद की भूमिका और कार्य:

नीति निर्धारण:
मंत्रिपरिषद देश के लिए नीतियां बनाती है। ये नीतियां आर्थिक, सामाजिक, विदेश और अन्य क्षेत्रों से संबंधित हो सकती हैं।


★कानून बनाना: मंत्रिपरिषद कानूनों का प्रस्ताव करती है, जो संसद में पारित होने के बाद कानून बनते हैं।

★प्रशासन:
मंत्रिपरिषद देश के प्रशासन को चलाती है। वे सरकारी विभागों के कामकाज की निगरानी करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी नीतियां ठीक से लागू हों।

★वित्तीय प्रबंधन:
मंत्रिपरिषद देश के बजट को तैयार करती है और वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन करती है।

★विदेशी मामले:
मंत्रिपरिषद विदेशी देशों के साथ संबंधों का प्रबंधन करती है और अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों पर हस्ताक्षर करती है।

नोट :- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 और 75 मंत्रिपरिषद से संबंधित हैं। अनुच्छेद 74 कहता है कि राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा। अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, जिम्मेदारी और वेतन से संबंधित है।
   





GK/GS

 मध्य प्रदेश विशिष्ट:

  1. प्रश्न: मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कौन सा है?
    उत्तर: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान                                                                              

  2. प्रश्न: मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी कौन सी है?                                                                  

    उत्तर: नर्मदा

  3. प्रश्न: मध्य प्रदेश का राज्य पुष्प क्या है?
    उत्तर: सफेद लिली (White Lily)

  4. प्रश्न: मध्य प्रदेश में कितने संभाग हैं?
    उत्तर: 10

  5. प्रश्न: मध्य प्रदेश में कितने जिले हैं?
    उत्तर: 55 (2023 अपडेट)

  6. प्रश्न: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: जबलपुर

  7. प्रश्न: उदयगिरि की गुफाएँ किस धर्म से संबंधित हैं?
    उत्तर: हिन्दू धर्म

  8. प्रश्न: मध्यप्रदेश में 'सिंगरौली' किस नाम से जाना जाता है?
    उत्तर: ऊर्जा राजधानी (Energy Capital)

  9. प्रश्न: रानी लक्ष्मीबाई की समाधि कहाँ स्थित है?
    उत्तर: ग्वालियर

  10. प्रश्न: मध्यप्रदेश में 'अफीम' की खेती मुख्य रूप से कहाँ होती है?
    उत्तर: मंदसौर और नीमच

  11. प्रश्न: मध्यप्रदेश का राजकीय खेल क्या है?
    उत्तर: मलखंभ

  12. प्रश्न: मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध कुंभ मेला कहाँ लगता है?
    उत्तर: उज्जैन (क्षिप्रा नदी के तट पर)

  13. प्रश्न: मध्यप्रदेश के पहले राज्यपाल कौन थे?
    उत्तर: पट्टाभि सीतारमैया

  14. प्रश्न: मध्यप्रदेश का सबसे ऊँचा जलप्रपात कौन सा है?
    उत्तर: चचाई जलप्रपात

  15. प्रश्न: मध्यप्रदेश में 'मैहर' किसके लिए प्रसिद्ध है?
    उत्तर: शारदा देवी मंदिर

  16. प्रश्न: मध्यप्रदेश के किस शहर को 'झीलों का शहर' कहा जाता है?
    उत्तर: भोपाल

  17. प्रश्न: मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन कौन सा है?
    उत्तर: इटारसी

  18. प्रश्न: मध्यप्रदेश में 'खजुराहो नृत्य महोत्सव' कब शुरू हुआ?
    उत्तर: 1975

  19. प्रश्न: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जनजाति कौन सी है?
    उत्तर: भील

  20. प्रश्न: मध्यप्रदेश के किस जिले में 'बेतवा नदी' का उद्गम होता है?
    उत्तर: रायसेन

भारतीय इतिहास:

  1. प्रश्न: मौर्य वंश की स्थापना किसने की थी?
    उत्तर: चंद्रगुप्त मौर्य

  2. प्रश्न: 'अर्थशास्त्र' नामक पुस्तक किसने लिखी थी?
    उत्तर: चाणक्य

  3. प्रश्न: पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ था?
    उत्तर: 1526

  4. प्रश्न: ताजमहल का निर्माण किसने करवाया था?
    उत्तर: शाहजहां

  5. प्रश्न: 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' यह नारा किसने दिया था?
    उत्तर: बाल गंगाधर तिलक

  6. प्रश्न: भारत का अंतिम मुगल बादशाह कौन था?
    उत्तर: बहादुर शाह जफर

  7. प्रश्न: 'वंदे मातरम' गीत किसने लिखा था?
    उत्तर: बंकिम चंद्र चटर्जी

  8. प्रश्न: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी?
    उत्तर: 1885

  9. प्रश्न: 'गांधी इरविन समझौता' कब हुआ था?
    उत्तर: 1931

  10. प्रश्न: साइमन कमीशन भारत कब आया था?
    उत्तर: 1928

  11. प्रश्न: भारत का पहला वायसराय कौन था?
    उत्तर: लॉर्ड कैनिंग

  12. प्रश्न: दिल्ली को भारत की राजधानी कब बनाया गया?
    उत्तर: 1911

  13. प्रश्न: अशोक के शिलालेखों को सर्वप्रथम किसने पढ़ा?
    उत्तर: जेम्स प्रिंसेप

  14. प्रश्न: 'दास वंश' की स्थापना किसने की?
    उत्तर: कुतुबुद्दीन ऐबक

  15. प्रश्न: गुप्त वंश का संस्थापक कौन था?
    उत्तर: श्रीगुप्त

भारतीय भूगोल:

  1. प्रश्न: भारत का सबसे लंबा बांध कौन सा है?
    उत्तर: हीराकुंड बांध (ओडिशा)

  2. प्रश्न: भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात कौन सा है?
    उत्तर: कुंचिकल जलप्रपात (कर्नाटक)

  3. प्रश्न: भारत में सबसे अधिक वर्षा कहाँ होती है?
    उत्तर: मावसिनराम (मेघालय)

  4. प्रश्न: भारत का सबसे बड़ा डेल्टा कौन सा है?
    उत्तर: सुंदरवन डेल्टा

  5. प्रश्न: भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु कौन सा है?
    उत्तर: इंदिरा पॉइंट

  6. प्रश्न: भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
    उत्तर: अरावली

  7. प्रश्न: भारत का मानक समय किस देशांतर से निर्धारित होता है?
    उत्तर: 82.5° पूर्व देशांतर

  8. प्रश्न: चिल्का झील किस राज्य में स्थित है?
    उत्तर: ओडिशा

  9. प्रश्न: भारत में कितने प्रतिशत भूभाग पर वन हैं?
    उत्तर: लगभग 24.62% (2021 रिपोर्ट के अनुसार)

  10. प्रश्न: नर्मदा नदी किस सागर में गिरती है?
    उत्तर: अरब सागर

भारतीय अर्थव्यवस्था:

  1. प्रश्न: भारत में योजना आयोग की स्थापना कब हुई थी?
    उत्तर: 1950

  2. प्रश्न: भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना कब हुई थी?
    उत्तर: 1935

  3. प्रश्न: भारत में 'श्वेत क्रांति' किससे संबंधित है?
    उत्तर: दुग्ध उत्पादन

  4. प्रश्न: 'जीएसटी' (GST) का फुल फॉर्म क्या है?
    उत्तर: वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax)

  5. प्रश्न: 'सेबी' (SEBI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: मुंबई

भारतीय संविधान:

  1. प्रश्न: भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
    उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

  2. प्रश्न: भारतीय संविधान कब अंगीकार किया गया?
    उत्तर: 26 नवंबर 1949

  3. प्रश्न: भारतीय संविधान में कितने मौलिक अधिकार हैं?
    उत्तर: 6

  4. प्रश्न: भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य हैं?
    उत्तर: 11

  5. प्रश्न: राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
    उत्तर: 5 वर्ष

  6. प्रश्न: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
    उत्तर: 6 वर्ष

  7. प्रश्न: भारत के संविधान का पिता किसे कहा जाता है?
    उत्तर: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर

  8. प्रश्न: संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में है?
    उत्तर: अनुच्छेद 368

  9. प्रश्न: भारत का सर्वोच्च न्यायालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: नई दिल्ली

  10. प्रश्न: सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) कब लागू हुआ?
    उत्तर: 2005

सामान्य विज्ञान:

  1. प्रश्न: विटामिन डी की कमी से कौन सा रोग होता है?
    उत्तर: रिकेट्स (Rickets)

  2. प्रश्न: मानव शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं?
    उत्तर: 206

  3. प्रश्न: रक्त का लाल रंग किसके कारण होता है?
    उत्तर: हीमोग्लोबिन

  4. प्रश्न: इंसुलिन का स्त्राव किस ग्रंथि से होता है?
    उत्तर: अग्न्याशय (Pancreas)

  5. प्रश्न: ध्वनि की गति सबसे तेज किसमें होती है?
    उत्तर: ठोस (Solid)

  6. प्रश्न: 'विद्युत धारा' मापने की इकाई क्या है?
    उत्तर: एम्पीयर (Ampere)

  7. प्रश्न: पानी का रासायनिक सूत्र क्या है?
    उत्तर: H2O

  8. प्रश्न: पृथ्वी का सबसे निकटतम ग्रह कौन सा है?
    उत्तर: शुक्र (Venus)

  9. प्रश्न: सूर्य के प्रकाश में कौन सा विटामिन पाया जाता है?
    उत्तर: विटामिन डी

  10. प्रश्न: एड्स (AIDS) किसके कारण होता है?
    उत्तर: वायरस (HIV)

कंप्यूटर:

  1. प्रश्न: कंप्यूटर का मस्तिष्क किसे कहा जाता है?
    उत्तर: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU)

  2. प्रश्न: 'WWW' का फुल फॉर्म क्या है?
    उत्तर: वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web)

  3. प्रश्न: 'ईमेल' (Email) का आविष्कार किसने किया?
    उत्तर: रे टॉमलिंसन (Ray Tomlinson)

  4. प्रश्न: 'सीपीयू' (CPU) का फुल फॉर्म क्या है?
    उत्तर: सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit)

  5. प्रश्न: 'रैम' (RAM) का फुल फॉर्म क्या है?
    उत्तर: रैंडम एक्सेस मेमोरी (Random Access Memory)

खेल:

  1. प्रश्न: क्रिकेट विश्व कप 2011 किस देश ने जीता था?
    उत्तर: भारत

  2. प्रश्न: ओलंपिक खेलों में भारत ने पहली बार कब भाग लिया था?
    उत्तर: 1900

  3. प्रश्न: 'अर्जुन पुरस्कार' किस क्षेत्र में दिया जाता है?
    उत्तर: खेल

  4. प्रश्न: 'ध्यानचंद पुरस्कार' किस क्षेत्र में दिया जाता है?
    उत्तर: खेल (लाइफटाइम अचीवमेंट)

  5. प्रश्न: भारत का राष्ट्रीय खेल क्या है?
    उत्तर: हॉकी

सामान्य ज्ञान:

  1. प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: न्यूयॉर्क

  2. प्रश्न: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: जिनेवा

  3. प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय कहाँ स्थित है?
    उत्तर: हेग (नीदरलैंड)

  4. प्रश्न: रेड क्रॉस की स्थापना किसने की थी?
    उत्तर: हेनरी ड्यूनेन्ट

  5. प्रश्न: नोबेल पुरस्कार कितने क्षेत्रों में दिया जाता है?
    उत्तर: 6

करंट अफेयर्स:

  1. प्रश्न: वर्तमान में भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?
    उत्तर: द्रौपदी मुर्मू

  2. प्रश्न: वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री कौन हैं?
    उत्तर: नरेंद्र मोदी

  3. प्रश्न: भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति कौन हैं?
    उत्तर: जगदीप धनखड़

  4. प्रश्न: भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश कौन हैं? 

    उत्तर: न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (नियुक्ति की तारीख) 18-01-2019 से (निवृत्ति की तारीख) 13-05-2025

पर्यावरण:

  1. प्रश्न: विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?
    उत्तर: 5 जून

  2. प्रश्न: ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाली मुख्य गैस कौन सी है?
    उत्तर: क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC)

  3. प्रश्न: 'क्योटो प्रोटोकॉल' किससे संबंधित है?
    उत्तर: जलवायु परिवर्तन

  4. प्रश्न: भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' कब शुरू हुआ था?
    उत्तर: 1973

  5. प्रश्न: चिपको आंदोलन किससे संबंधित है?
    उत्तर: वन संरक्षण

संस्कृति:

  1. प्रश्न: भारत नाट्यम किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
    उत्तर: तमिलनाडु

  2. प्रश्न: कथक किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
    उत्तर: उत्तर प्रदेश

  3. प्रश्न: ओडिसी किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
    उत्तर: ओडिशा

  4. प्रश्न: मोहिनीअट्टम किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
    उत्तर: केरल

  5. प्रश्न: कुचिपुड़ी किस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?
    उत्तर: आंध्र प्रदेश

नीति आयोग (NITI Aayog)

                                                        नीति आयोग (NITI Aayog)             1.परिचय एवं पृष्ठ्भूमि  नीति आयोग (NITI Aayog), ...